

– नियमित फील्ड निरीक्षण कर, की जाए योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग: उपाध्यक्ष श्रीमती वर्मा
– अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक
सूरजपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने सूरजपुर प्रवास के दौरान जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांती वर्मा, आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री निषाद ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए योजनाओं का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांती वर्मा ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की वास्तविक प्रगति का नियमित फील्ड निरीक्षण कर प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में सर्वप्रथम जिले का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया। इसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग को जारी एवं निरस्त जाति प्रमाण-पत्रों, विकसित भारत ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), समाज कल्याण विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, श्रम, क्रेडा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कौशल विकास प्राधिकरण, खाद्य, शिक्षा, आदिवासी विकास तथा राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष ने जिले में बागवानी फसलों का रकबा बढ़ाने, किसानों को उद्यानिकी के प्रति प्रोत्साहित करने तथा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने अदरक एवं हल्दी उत्पादन, किसानी को तकनीकी प्रशिक्षण, बीज उत्पादन, माली प्रशिक्षण तथा किसानों के अध्ययन भ्रमण की जानकारी प्राप्त की। साथ ही लाभान्वित किसानों के निरंतर संपर्क में रहकर उनके जीवन स्तर में आए सुधार की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग के पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने, प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को सक्रिय बनाने तथा उन्हें अनुदान एवं अन्य योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में जिले के कुल जल क्षेत्र, मत्स्य पालन क्षेत्र, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य सहकारी समितियों तथा केनापारा में संचालित केज कल्चर की जानकारी ली। उन्होंने अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार वितरण, गर्म भोजन, नोनी सुरक्षा योजना, बच्चों की उपस्थिति, भवनों की स्थिति, स्वयं सहायता समूहों द्वारा पोषण आहार उत्पादन, एनआरसी में कुपोषित बच्चों के उपचार तथा सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों के नियमित फील्ड निरीक्षण की समीक्षा की। उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों के समुचित उपचार एवं सुपोषण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों के लाभान्वित होने के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान सरसों, सूरजमुखी एवं मूंगफली जैसी तिलहनी फसलों के उत्पादन, मधुमक्खी पालन, किसान संगोष्ठियों, फसल चक्र परिवर्तन, आत्मा योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, मृदा परीक्षण तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स-ऑयलसीड्स के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही फसल बीमा योजना सहित सभी अन्य योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हितग्राहियों और उनकी स्थिति की जानकारी ली।
श्रम विभाग के अंतर्गत मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, नौनी-बाबू छात्रवृत्ति सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों श्रम विभाग से मिल रहे लाभ की जानकारी ली और ज्यादा से ज्यादा लोगों का श्रम पंजीयन करने के निर्देश दिए।
क्रेडा विभाग की समीक्षा के दौरान स्थापित सोलर पैनलों, सौर सुजला योजना तथा सोलर संयंत्रों के रखरखाव एवं मरम्मत की जानकारी ली गई।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जल जीवन मिशन के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों एवं पेयजल उपलब्धता की समीक्षा की गई। उन्होंने जिले में पेयजल प्रदाय की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिला कौशल विकास प्राधिकरण के अंतर्गत युवाओं को दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण उपरांत उपलब्ध रोजगार की जानकारी ली गई। उन्होंने सभी प्रशिक्षित लोगों को रोजगार शत प्रतिशत उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने को कहा।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन), निःशुल्क गणवेश वितरण, सरस्वती साइकिल योजना, हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों सहित अन्य सभी योजनाओं की की प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही जिले में छात्रावासों और छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी ली।
आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान छात्रावासों एवं आश्रमों में अध्ययनरत अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई।
बैठक में सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए जिले की सहकारी समितियों को अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य, व्यापार एवं उद्योगऔर स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की योजनाओं की भी विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।




